दिल्ली देहात के 89 गांवों को शहरीकृत किए जाने की मांग ने पकड़ा जोर

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली: दिल्ली देहात के 89 गांवों को शहरीकृत घोषित किए जाने एवं लैंड पूलिंग पॉलिसी शीघ्र लागू किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। विभिन्न ग्रामीण संगठन इस मांग को लगातार उठा रहे हैं। भाजपा सांसद उदित राज ने भी संसद में इस मसले को उठाते हुए दिल्ली सरकार पर इस कार्य में अड़चन लगाने का आरोप लगाया है। भाजपा के नेता चेतावनी दे रहे हैं कि अगर गांवों के विकास में अड़ंगा लगाने से दिल्ली सरकार बाज नहीं आई तो विधायकों को उनके घरों से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा।1 सांसद उदित राज का कहना है कि दिल्ली का 2021 का मास्टर प्लान 2007 में घोषित कर दिया गया था। इससे संबंधित नियम कानून लागू करने के लिए 26 मई 2015 में सूचना जारी की गई थी। 89 गांवों को दिल्ली म्यूनिसिपल अधिनियम 1957 के तहत शहरीकृत गांव घोषित करना है। नरेला, बादली, मुंडका, बादली के देहात के किसान मांग कर रहे हैं कि इसे शीघ्र लागू किया जाए। वहीं, भाजपा सांसद का कहना है कि अगर लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू की जाती है तो लगभग 60 हजार करोड़ का खर्च दिल्ली देहात में होगा और इससे क्षेत्र के विकास के साथ लोगों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। 1सांसद का कहना है कि दिल्ली की आबादी 2021 तक 2.36 करोड़ होगी और लगभग 16 लाख मकानों की आवश्यकता है, इसलिए इसको शीघ्र लागू किया जाए।

उदित राज ने बताया कि उन्होंने इस मसले को संसद में उठाया है, लेकिन परेशानी दिल्ली सरकार की वजह से है। दिल्ली सरकार में बैठे लोग नहीं चाहते हैं कि राजधानी के किसानों का भला हो। विधानसभा चुनाव में दिल्ली देहात के लोगों ने इनके लुभावने वायदों के झांसे में आकर इन्हें प्रचंड बहुमत दिया, लेकिन अब शहरी इलाकों के सहित दिल्ली देहात के लोग ही इनकी करतूत से परेशान हैं। केंद्र सरकार दिल्ली के विकास के लिए कार्य करना चाहती है, लेकिन दिल्ली सरकार इसमें अड़ंगा लगा रही है। 1प्रदेश युवा संघर्ष समिति के प्रधान रोशन लाल लाकड़ा का कहना है कि जब मास्टर प्लान तक में गांवों को शहरीकृत घोषित किए जाने का प्रावधान है तो फिर इसमें विलंब क्यों किया जा रहा है। भाजपा उत्तर पश्चिम जिला के अध्यक्ष विनोद सहरावत का कहना है कि देहात का विकास इन इलाकों से जीतकर गए विधायक ही नहीं चाहते है। इन विधायकों की शह पर ही दिल्ली सरकार ने लैंड पूलिंग पॉलिसी को ठंडे बस्ते में डाल रखा है। सहरावत ने ऐलान किया है कि जल्द ही इस दिशा में दिल्ली सरकार ने कदम नहीं उठाया तो आप के विधायकों को ग्रामीण जनता उनके घरों में ही कैद कर देगी।जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली: दिल्ली देहात के 89 गांवों को शहरीकृत घोषित किए जाने एवं लैंड पूलिंग पॉलिसी शीघ्र लागू किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है।

विभिन्न ग्रामीण संगठन इस मांग को लगातार उठा रहे हैं। भाजपा सांसद उदित राज ने भी संसद में इस मसले को उठाते हुए दिल्ली सरकार पर इस कार्य में अड़चन लगाने का आरोप लगाया है। भाजपा के नेता चेतावनी दे रहे हैं कि अगर गांवों के विकास में अड़ंगा लगाने से दिल्ली सरकार बाज नहीं आई तो विधायकों को उनके घरों से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा।1 सांसद उदित राज का कहना है कि दिल्ली का 2021 का मास्टर प्लान 2007 में घोषित कर दिया गया था। इससे संबंधित नियम कानून लागू करने के लिए 26 मई 2015 में सूचना जारी की गई थी। 89 गांवों को दिल्ली म्यूनिसिपल अधिनियम 1957 के तहत शहरीकृत गांव घोषित करना है। नरेला, बादली, मुंडका, बादली के देहात के किसान मांग कर रहे हैं कि इसे शीघ्र लागू किया जाए। वहीं, भाजपा सांसद का कहना है कि अगर लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू की जाती है तो लगभग 60 हजार करोड़ का खर्च दिल्ली देहात में होगा और इससे क्षेत्र के विकास के साथ लोगों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। 1सांसद का कहना है कि दिल्ली की आबादी 2021 तक 2.36 करोड़ होगी और लगभग 16 लाख मकानों की आवश्यकता है, इसलिए इसको शीघ्र लागू किया जाए। उदित राज ने बताया कि उन्होंने इस मसले को संसद में उठाया है, लेकिन परेशानी दिल्ली सरकार की वजह से है। दिल्ली सरकार में बैठे लोग नहीं चाहते हैं कि राजधानी के किसानों का भला हो। विधानसभा चुनाव में दिल्ली देहात के लोगों ने इनके लुभावने वायदों के झांसे में आकर इन्हें प्रचंड बहुमत दिया, लेकिन अब शहरी इलाकों के सहित दिल्ली देहात के लोग ही इनकी करतूत से परेशान हैं। केंद्र सरकार दिल्ली के विकास के लिए कार्य करना चाहती है, लेकिन दिल्ली सरकार इसमें अड़ंगा लगा रही है। 1प्रदेश युवा संघर्ष समिति के प्रधान रोशन लाल लाकड़ा का कहना है कि जब मास्टर प्लान तक में गांवों को शहरीकृत घोषित किए जाने का प्रावधान है तो फिर इसमें विलंब क्यों किया जा रहा है। भाजपा उत्तर पश्चिम जिला के अध्यक्ष विनोद सहरावत का कहना है कि देहात का विकास इन इलाकों से जीतकर गए विधायक ही नहीं चाहते है। इन विधायकों की शह पर ही दिल्ली सरकार ने लैंड पूलिंग पॉलिसी को ठंडे बस्ते में डाल रखा है। सहरावत ने ऐलान किया है कि जल्द ही इस दिशा में दिल्ली सरकार ने कदम नहीं उठाया तो आप के विधायकों को ग्रामीण जनता उनके घरों में ही कैद कर देगी।

Source: Dainik Jagran
Dated: 27th November 2016

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One Response to “दिल्ली देहात के 89 गांवों को शहरीकृत किए जाने की मांग ने पकड़ा जोर”

  1. lokesh says:

    There is an urgent need that farmers of 89 villages should start the agitation against delhi govt for notification of these villages. The CM of delhi like a PM is roaming all around and doing nothing on delhi land pooling except raising superfluous observations.
    This article of Dainik Jagran should fuel up now….high time….
    DELHI JAM…

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